1. “लाईफस्टायल मोडिफिकेशन” किसे कहते हैं?
दिल और नसों के बीमारीयों और अन्य बीमारीयों के होने के संभावना को कम करने के लिये अनेक उपाय हैं जो आप अपने जीवन में लागू कर सकते हैं। इसे “लाईफस्टायल मोडिफिकेशन” कहते हैं। इसमें आप जितना हो सके, अपने जीवन में आहिस्ता-आहिस्ता अपनाने का कोशिश करें। जितना अधिक आप इन बातों को अमल करेंगे, उतना कम आपको इन तरह के बीमारी होने का संभावना होगा।
अधिकतर समय हमारे समाज में यह होता है बचपन और जवानी को खाने-खेलने के लिये कहा गया है, और सामान्य रूप में खाने-खेलने के लिये को कोई रोक-टोक नहीं होता है। इसका मतलब है कि आप जितना चाहे, बटर लगा के परांठा, तले हुये और अधिक ग्रेवी वाले खाना, सोडा-कोल्ड-ड्रिंक्स, मिठाई, पिट्ज़ा, बरगर और अन्य अधिक कैलोरीज़ वाले खाना खाते हैं। उपर से आजकल के युग में, घर-बाहर में मोबाईल फोन और अनेक सुख-सुविधा होने से शारीरिक मेहनत कम हो गया है; बच्चे बाहर कम और कम्पुटर पर अधिक खेलते हैं; और सभी को अधिक स्ट्रेस रहता है। और उसके बाद पैंतीस-चालीस साल होते होते मोटापा, और पचासा होते होते हार्ट-अटैक और स्ट्रोक होने का जिक्र सुनने लगे हैं। फिर अचानक ही आपको यह चाहत होता है कि सबकुछ को “बटन” दबाकर “रिसेट” कर दें।
ये बातें केवल मरीजों के लिये नहीं है, बल्कि बचपन से सभी को इसका महत्व समझना चाहिये, और उस तरह का “लाईफस्टायल” अपनाना चाहिये। क्या जरूरत है कि पहले खिला-खिला कर मोटापा अर्जित करें, और फिर उसको लेकर ही हमेशा परेशान रहें? अधिक कैलोरीज़ वाले खाना, अपना दुर्प्रभाव बचपन से ही चालू कर देते हैं। दिल के नसों में तेल युक्त पदार्थ जमने लगते हैं, जिसे “प्लाक” कहते हैं, और यह आगे जाकर दिल का दौरा का कारण बन सकता है। भारत में पिछले दो दशक के विकास के कारण, बच्चों में मोटापा दिखने लगा है, क्योंकि बच्चों को अधिक कैलोरीज़ वाला खाना मिलता है, जिसे वो खेल-कूद कर खर्चा नहीं करते हैं। और इसी कारण से भारत में भी अब पश्चिमी देशों के जैसे बीमारी हर घर में दिखने लगा है।
2. “लाईफस्टायल मोडिफिकेशन” से किन बीमारीयों से बच सकते हैं?
“लाईफस्टायल मोडिफिकेशन” से आप अपने को अनेक बीमारी से बचा सकते हैं। इसका यह मतलब नहीं है कि आपको कोई बीमारी नहीं होगा। किंतु इससे आपको अनेक तरह के बीमारी होने के का संभावना कम हो जायेगा। कुछ बीमारी जिनका खतरा कम हो सकता है, वो हैं -
दिल का दौरा या हार्ट अटैक (Heart attack)
खून के नसों का बीमारी जैसे डी वी टी (DVT)
दिमाग में खून फैलना या ब्रैन हैमोरहेज या स्ट्रोक (stroke)
उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure)
कोलेस्टेरोल संबंधित समस्या (cholesterol related problems)
मोटापा संबंधित समस्या (obesity related problems)
डायबिटीज़ (Diabetes)
अन्य संबंधित समस्या (other related problems)
3. “लाईफस्टायल मोडिफिकेशन” में क्या करना होता है?
इसमें, नीचे लिखे हुये सूची में से आप अनेक चीज कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिये संबंधित विषय देखें।
जरूरत से अधिक न खायें
खाना में तेल कम लें
खाना में चीनी कम लें
खाना में नमक कम लें
खाना में फाईबर अधिक लें
खाना में सब्जी अधिक लें
पौष्टिक खाना खायें
पार्याप्त विटामिन और मिनेरल्स खाया करें
रोजाना व्यायाम करें और अपने शरीर पर ध्यान दें
रोजाना शारीरिक मेहनत वाला काम करें
वजन को सामान्य स्तर में रखें, मोटापा खत्म करें
मंगलवार, 18 अगस्त 2009
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