सोमवार, 17 अगस्त 2009

चर्बी और तेल

1.  "कैसा" और "कितना" चर्बी और तेल खाना चाहिए?
चर्बी और तेल, शरीर में, एक बहुमूल्य पदार्थ हैं ये विभिन्न प्रकार के होते हैं आधिकांश समय, ये शरीर के लिए आवश्यक होते हैं, किंतु कुछ प्रकार के चर्बी और तेल, अधिक होने पर शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं तो चर्बी और तेल के लिए दो बातें महत्वपूर्ण हैं - "कैसा (Quality)" और "कितना (Quantity)" चर्बी और तेल खाना चाहिए?
रिसर्च के अनुसार "कितना" से अधिक "कैसा" चर्बी और तेल पर हमेशा ध्यान देना चाहिए, क्योंकि इनके विभिन्न प्रकार ग्रहण करने से आपका दिल के दौरे का संभावना बढ़ या घट सकता है
2.  चर्बी और तेल के कितने प्रकार होते हैं?
शरीर में अनेक तरह के चर्बी और तेल होते हैं सभी प्रकार के चर्बी और तेल हर व्यक्ति में होता है, किंतु कुछ लोग में कोई प्रकार अधिक होता है, तो किसी में कोई दूसरा प्रकार अधिक होता हैये विभिन्न प्रकार उनके बनावट पर निर्भर करता है
रसायन विद्या के अनुसार, सभी तेल और चर्बी, के एक छोटे कण या मोलेक्युल (molecule) को फेटी असिड कहते हैं हर कण में 3 धातु के अणु या ऎटम (atom), जैसे की कार्बन (Carbon, C), हाईड्रोजन (Hydrogen, H) और आक्सीजन (Oxygen, O) होते हैं कार्बन के अणु को जोड़ कर एक कड़ी बनता है, जिसे फेटी एसिड का कण या मोलेक्युल (molecule) कहते हैं
3.  "फेटी एसिड" का वर्गीकरण (classification)
"फेटी एसिड" को चार तरह से वर्गीकरण किया जा सकता है यह नीचे बताया गया है

पहला वर्गीकरण - "फेटी एसिड" चेन के लम्बाई के अनुसार -
2 से 7 कार्बन ऎटम वाले कड़ी को शोर्ट चेन फेटी एसिड (Short Chain Fatty Acid) कहते हैं
8 से 14 कार्बन ऎटम वाले कड़ी को मीडियम चेन फेटी एसिड (Medium Chain Fatty Acid) कहते हैं
15 से अधिक कार्बन ऎटम वाले कड़ी को लॉन्ग चेन फेटी एसिड (Long Chain Fatty Acid) कहते हैं

दूसरा वर्गीकरण - फेटी असिड चेन में कितने जोड़ उपस्थित हैं - हर चेन या कड़ी को बनने के लिए कार्बन ऎटम एक दूसरे से जुड़े होते हैं दो कार्बन ऎटम, एक दूसरे से कैसे जुड़े हैं, इसपर एक अन्य प्रकार से कड़ी का वर्गीकरण किया जा सकता है
अगर पूरे कड़ी में हर कार्बन ऎटम के बीच केवल एक जोड़ (single bond) है तो उसे संतृप्त या सचुरेटेड फेटी एसिड (saturated fatty acid, SFA) कहते हैं यह मुख्यतः जानवर से उत्पन होता है
अगर पूरे कड़ी में किसी दो कार्बन ऎटम के बीच दो जोड़ या जुड़वा जोड़ (double bond) है तो उसे असंतृप्त या अनसचुरेटेड फेटी एसिड (unsaturated fatty acid) कहते हैं यह मुख्यतः वनस्पति से उत्पन होता है यह फिर दो प्रकार में बांटा जा सकता है
अगर पूरे कड़ी में केवल दो कार्बन ऎटम के बीच जुड़वा जोड़ है तो उसे मोनोअनसचुरेटेड फेटी असिड (monounsaturated fatty acid, MUFA) कहते हैं
अगर पूरे कड़ी में, बहुत सारे जगह, दो कार्बन ऎटम के बीच जुड़वा जोड़ है तो उसे पोलीअनसचुरेटेड फेटी एसिड (polyunsaturated fatty acid, PUFA) कहते हैं
हम जो तेल या चर्बी खाते हैं, उनमें यह तीनों प्रकार के, सचुरेतेड, मोनोअनसचुरेटेड, पोलीअनसचुरेटेड, फेटी एसिड (saturated, monounsaturated and polyunsaturated fatty acid) होते हैं किंतु किसी तेल में कोई फेटी एसिड अधिक होता है, तो किसी में कोई और

तीसरा वर्गीकरण - फेटी एसिड चेन में किस कार्बन ऎटम पर जुड़वा जोड़ (डबल बोंड या Double bond) स्थित है? अगर तीसरे (ओमेगा-3, omega-3), छठे (ओमेगा-6, omega-6) या नौवें (ओमेगा-9, omega-9) स्थान पर स्थित कार्बन ऎटम पर यह जुड़वा जोड़ हुआ, तो उसे आवश्यक या एस्सेंसिअल फेटी एसिड (Essential fatty acid) कहते हैं

चौथा वर्गीकरण - फेटी एसिड चेन सीधा है या घूमा हुआ है यह फिर अनसचुरेतेड फेटी एसिड (unsaturated fatty acid) के लिए है
अगर किसी जुड़वा जोड़ पर फेटी एसिड चेन या कड़ी घूम जाता है, तो उसे सिस फेटी एसिड (Cis fatty acid) कहते हैं यह घुमावदार फेटी एसिड को एकजुट रखने में दिक्कत होता, अतः उसके भौतिक मूल्यों पर असर पड़ता है इस कारण ये अधिकतर तरल (liquid) रूप में पाये जाते हैं
अगर सभी जुड़वा जोड़ पर फेटी असिड चेन या कड़ी सीधा रहता है, तो उसे
ट्रांस फेटी एसिड (Trans fatty acid) कहते हैं ट्रांस फेटी एसिड क्रितिम होता है यह पोलीअनसचुरेतेड फेटी असिड में हाईड्रोजन (Hydrogen, H) के अणु मिलाने से होता है, जिसे हाईड्रोजनएशं (Hydrogenation) कहते हैं इस रूप में ट्रांस फेटी एसिड को कसके बांध कर रखा जा सकता है इसी पैकेजिंग से यह कमरे के साधारण तापमान पर भी ठोस (solid) रहता है उदाहरण के लिय डालडा (Dalda), जो की साधारण तापमान पर भी ठोस (solid) रहता है इससे उस तेल को संभाल कर रखने में कम खर्च आता है किंतु ट्रांस फेटी एसिड (Trans fatty acid) शरीर के लिए हानिकारक होता है

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